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Showing posts from November, 2025

बुजुर्गों का सेवा सत्कार करें।

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 यदि हम अपने जीवन में किसी भी उत्कर्ष को पाने की इच्छा रखते हैं। तो अपने बड़े बुजुर्ग और गुरु को महत्व दें। अपने गुरु के वचनों को सुनें और उसे पर अम्ल करें, गुरु सेवा वाले बनें। यदि धरती पर सबसे कीमती कुछ है तो वह है हमारे लिए सद्गुरु। शिष्य का पहला फर्ज बनता है की वह हर दुविधा, अड़चन को समाप्त कर गुरु के मार्ग को आसान बनाएं तभी उसकी पात्रता सिद्ध होती है और उसे गुरु कृपा की प्राप्त होती है। इसलिए भगवान कहते हैं कि बड़ों का मान सम्मान करना, देवताओं, ब्राह्मणों , और गुरुजनों का पूजन करना तथा समाज में जो प्रज्ञा पुरुष हैं, समाज को दिशा देने वाले व्यक्ति हैं उनका आदर सत्कार करना उनकी सेवा करना यह एक तप है। जब हम आलस को त्याग कर सेवा में लगे होते हैं तो यह हमारा तप कहलाता है। Must Watch This Video :- 

चांद्रायण तप गुरु के निर्देशन में करें।

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 हमारे अंदर के कौशल का विकास गुरु के निर्देशन में होता है या स्वयं की अभ्यास से होता है। अभ्यास करते रहने से हमारे अंदर की विद्याएं जागृत होती रहती है ।और हमारे अंदर के टैलेंट को हमारे पूर्व जन्म के संस्कार के अनुसार हमारे गुरु ढूंढते हैं या फिर हमारे माता-पिता ढूंढ कर उसे विकसित करने के लिए जोर लगाते हैं । तभी हम समाज में एक विशेष व्यक्ति बनते हैं। अभ्यास और तप प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। हम अपने शरीर को तपस्वी बनाकर सेवा में लगायें ।भगवान कहते हैं कि यही तप है और इसे सभी को करना चाहिए। हमारी संस्कृति में जप तप को बहुत बड़ा स्थान दिया गया है। 12 तरह के तप होते हैं जिसमें एक तप चंद्रयान तप होता है। यह वर्ष में एक बार 30 दिन के लिए पूर्णिमा से पूर्णिमा तक का होता है। यह तप गुरु के निर्देशन में सभी को करना चाहिए.

संवाद हमेशा चलते रहना चाहिए

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लोग आपको देखते हैं कि आप कहां भड़कते हैं अपने को श्री राम जी की तरह बनाए। बाली द्वीप मुस्लिम बहुल होने के बाद भी भगवान श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा रखते हैं और ऐसे लोग समाज को बहुत बड़ी ताकत देते हैं अपने बर्दाश्त करने की शक्ति बढ़ाएं, पति-पत्नी के बीच तीसरा व्यक्ति नहीं आना चाहिए और आपस की बात को ज्यादा नहीं बढ़ना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति गलती ना होते हुए भी झुक जाता है तो यह उसकी भावना है जो यह समझता है कि हमारे रिश्ते सबसे ऊपर हैं क्योंकि घर के अंदर भी एक घर भावनाओं का होता है Must Watch and change your life : 

जैसा आप करेंगे वही आपकी आदत बनेगी

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 Must Watch Full Jeevan  Prabhat:-  अनुभव से जिम्मेदारी बोझ नहीं लगती। बनाने वाले ने शाकाहारी और मांसाहारी को पहचान अलग-अलग दी है दुनिया के मालिक ने जो भी दिया है अंत में वह गिन गिन कर एक-एक लेता है इसीलिए उसे प्रभु कहा जाता है वह सबको आजाद करके रखा है वह आपकी स्वतंत्रता में कहीं बाधक नहीं बनता ।लेकिन फल देने के समय वह आपको बांध देता है दुख में मनुष्य अकेला रहता है और सुख को बांटने के लिए सभी उसके पास आ जाते हैं विडंबना है कि अच्छे बुरे कर्मों का अलग-अलग हिसाब होता है यहां गणित का हिसाब नहीं चलता है परमात्मा कर्म फल प्रदाता है

ब्रह्म ज्ञानी की क्या पहचान है?

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 Must Watch:-  जब आप भगवान से जुड़कर कोई भी कार्य करते हैं तो वह कर्म आपका दिव्य कर्म बन जाता है। दिव्य कर्म से व्यक्ति को कष्टों से मुक्ति मिलती है। प्रत्येक व्यक्ति को कुछ ना कुछ ज्ञान जरूर अर्जित करना चाहिए ।ब्रह्म ज्ञान व्यक्ति को ऊंचा उठाकर उसके अंदर के देवता को जागृत कर उसे कष्टों से मुक्ति दिलाता है ।इसीलिए कहा जाता है कि ब्रह्म ज्ञानी बनें। जब आप भगवान में ध्यान लगाकर, नाम जपते हुए ,भगवान से संबंध जोड़ कर भक्ति करते हैं तभी आपकी भक्ति सफल होती है। ऐसी भक्ति को ही भगवान योगस्थ कहते हैं। इसलिए संसार की आसक्ति को त्याग कर हर दिन अपने प्रभु को याद कर उनसे जुड़ें । जिससे उनकी दया दृष्टि आपको प्राप्त होगी । और जब आप दुनिया का भला करने वाले बनेंगे तो आपको प्रभु की कृपा किसी न किसी रूप में प्राप्त होगी।

सोच समझ कर जीवन जीना

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हम पृथ्वी पर कुछ दिन के लिए आए हैं किसी की अमानत हमें मिली है उसे वापस देना पड़ेगा और वह है जगत का मालिक। उसे याद रखना। ,आपका धर्म है आपके जीवन में कवच की तरह कार्य करता है ,दुनिया में  बसिये लेकिन  फसिये नहीं। अपने अंदर दुनिया के मालिक को  लाओ यही तुम्हें पार करेगा और वह ओंकार है हमारी साधना में भी वही आना चाहिए उसका ही स्मरण करना चाहिए और ओमकार के द्वारा ही हमें सद्गति प्राप्त होती है Must Watch This Video

आप ही अपने मित्र और शत्रु भी हो

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 Watch Now:-   गीता जीवन का संगीत है अमरता का संदेश यहां से आता है आपको स्वयं का उद्धार करना पड़ेगा। खुद के दुश्मन ना बने, कभी भी अपने को  दीन हीन मत बनाओ। हर घर में गीता होनी चाहिए, और उसके संदेश को भी दिल में उतारें।माता-पिता के धर्म का भी वारिस पुत्र को होना चाहिए ,किराए का ट्यूटर आपके बच्चों को संस्कार नहीं देगा ,पति-पत्नी के झगड़े में बच्चों को बीच में नहीं लाना चाहिए आप दोनों एक रहेंगे तो नेक रहेंगे। घर में जितना मेल रहेगा माल भी उतना ही रहेगा। #JeevanPrabhat #sudhanshujimaharaj

जीवन के हर भाव में मेरा स्मरण करना

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गीता के द्वारा मनुष्य सफलता की सीढ़ियां चढ़ता है भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि जहां गीता की अनुभूति होगी वहां मेरी अद्भुत भी होगी। गंगा में शरीर समर्पित हो ,लेकिन गीता को जीवन समर्पित हो जाए, तो कल्याण होगा मन सुमन बने, अमन बने, तब दुनिया का मालिक आपसे मिलने को आता है तब सत्यलोक का प्रभाव आने लगता है आपको चैन मिलना शुरू होता है फिर उसका प्रेम अनुभव होने लगता है कि मैं ही आनंद हूं मैं ही प्रकाश हूं और आप उसमें मिल जाते हैं तब वही केवल दिखाई देता है ध्यान रखें आपका प्रेम ही भगवान से मिलाएगा #JeevanPrabhat #sudhanshujimaharaj #hinduguru #satsang #satsang_bhajan #pravachan #katha #bhajanstatus #pravachanam #Preacher #Guru #Maharajshri