सोच समझ कर जीवन जीना

हम पृथ्वी पर कुछ दिन के लिए आए हैं किसी की अमानत हमें मिली है उसे वापस देना पड़ेगा और वह है जगत का मालिक। उसे याद रखना। ,आपका धर्म है आपके जीवन में कवच की तरह कार्य करता है ,दुनिया में  बसिये लेकिन  फसिये नहीं। अपने अंदर दुनिया के मालिक को  लाओ यही तुम्हें पार करेगा और वह ओंकार है हमारी साधना में भी वही आना चाहिए उसका ही स्मरण करना चाहिए और ओमकार के द्वारा ही हमें सद्गति प्राप्त होती है

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