जैसा आप करेंगे वही आपकी आदत बनेगी
Must Watch Full Jeevan Prabhat:-
अनुभव से जिम्मेदारी बोझ नहीं लगती। बनाने वाले ने शाकाहारी और मांसाहारी को पहचान अलग-अलग दी है दुनिया के मालिक ने जो भी दिया है अंत में वह गिन गिन कर एक-एक लेता है इसीलिए उसे प्रभु कहा जाता है वह सबको आजाद करके रखा है वह आपकी स्वतंत्रता में कहीं बाधक नहीं बनता ।लेकिन फल देने के समय वह आपको बांध देता है दुख में मनुष्य अकेला रहता है और सुख को बांटने के लिए सभी उसके पास आ जाते हैं विडंबना है कि अच्छे बुरे कर्मों का अलग-अलग हिसाब होता है यहां गणित का हिसाब नहीं चलता है परमात्मा कर्म फल प्रदाता है
Comments
Post a Comment