मानसिक शांति बहुत आवश्यक है

शरीर और मस्तिष्क को आराम देना चाहिए। शांति परमात्मा के चरणों में है शांति के लिए प्रतिदिन इसका अभ्यास करना चाहिए, शांति के मंत्र बोले जिसमें,प्रकृति की बहुत सारी चीजों से शांति हमें प्राप्त होती है शांति बोलने से भी शांति आती है अपने से कहिए मैं परमात्मा के प्रति कृतज्ञ हूं क्योंकि श्रद्धा विश्वास से ही आदमी आगे बढ़ता है प्यार ही है जो आदमी को आगे बढ़ाता है प्यार वह है जहां शिष्टाचार हो दूसरों के बारे में आप में करुणा हो दया भाव हो आदर देना आपको आना चाहिए यह आपके संस्कार होने चाहिए यह आपकी दौलत है जो आपके ऊपर उठ।ती है

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