प्रेम श्रद्धा की दौलत
जीवनी शक्ति को प्रबल बनाने के लिए अपने प्रेम को श्रद्धा की दौलत बनाएं। जो भक्ति में श्रद्धा नहीं रखते हैं वे प्रभु को प्राप्त नहीं कर पाते हैं। और संसार के सुख-दुख के चक्र में फंसे रह जाते हैं । उन्हें आगे ले जाने का कार्य प्रभु के प्रति उनकी श्रद्धा ही होती है । इसलिए हमेशा अपने अंदर श्रद्धा की दिया को जलाए रखें। भक्ति को जिंदा रखने के लिए श्रद्धा की आवश्यकता होती है। जिससे हमें परमात्मा की प्राप्ति होती है। इसलिए अपनी श्रद्धा को उज्जवल बनाएं । पूरे ब्रह्मांड की फैली हुई दैवीय शक्ति को अपनी और खींचने के लिए आप अपने माला के द्वारा जाप कर प्रभु की नजदीकियां को पा सकते हैं। जो कभी ना बदले उसे प्रणव कहते हैं और वह हैं परमात्मा। आपका शरीर पंचतत्व से बना है इसलिए उसे हमेशा तरो ताजा बनाए रखने के लिए प्रकृति से जुड़े।
Comments
Post a Comment