अपने काम को प्यार करो

आपका काम आपको इज्जत देगा। अपने को व्यवस्थित रखना, अपने दिन के समय का हिसाब रखना, और शांत होकर नींद में जाएं। कर्म और यात्रा की शुरुआत ,परमात्मा के नाम से करनी चाहिए।

आप क्या हैं यही आपको जानना है और निज रूप में ठहरे। मतलब वास्तविकता में रहे, जिसमें वक्त का पता ना लगे आपका वास्तविक स्वभाव निश्चित और निर्भयता का है जबकि मनुष्य डरा हुआ है अपने निज रूप में आना ही जीवन का आनंद है।

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