वाणी का सदुपयोग निस्वार्थ भावना से करें
सुखी होने के लिए जीवन में शांति और वाणी में मधुरता बहुत जरूरी है। व्यक्ति सब कुछ भूल सकता है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूल सकता है। इसलिए अपनी वाणी में संतुलन बनाए रखना चाहिए। । जीवन में शांति बनाए रखने के लिए अपने व्यवहार में परिवर्तन लाकर वाणी हिंसा से बचना चाहिए । जब हमारा मन अशांत होता है तो हम परमात्मा के शरण में जाते हैं। जहां हमें शांति की प्राप्ति होती है। कड़वे वचन ना तो बोले और ना हीज्यादा दिनों तक याद रखें । जब हम एक दूसरे को निस्वार्थ भावना से निभाना सीख जाते हैं तो हमारे घर में शांति का वातावरण बन जाता है और हमारे जीवन में शांति आती है।
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