जोड़ने वाले बने तोड़ने वाले नहीं

 सेवा का काम छोटा बड़ा नहीं होता ,अहंकार जलने से मनुष्य में निखार आता है आपके दिखावे से किसी पर असर नहीं पड़ता शरीर और वाणी का तप करना चाहिए इससे वाणी में शक्ति आती है तुम्हारी वाणी  अनुद्वेग वाली नहीं होनी चाहिए इससे बचना चाहिए अपनी संगति चुनना बहुत जरूरी है काटने वालों को कभी जीवन में  सम्मान नहीं मिलता हैं जो मिल।ने वाले होते हैं वह सफल होते हैं ऐसे अपने जीवन को ,बनाएं की मिलने के बाद लोग प्रसन्न हो और बिछड़ने के बाद दुखी हो जाए


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