भावपूर्वक माला जपो।

भावपूर्वक माला जपो

पिछले जन्मों के प्रभाव से सत्संग शुरू होता है एक न एक दिन सत्संग का रंग मनुष्य को लग ही जाता है और वह जीवन का हिस्सा बनना शुरू हो जाता है जिसमें आगे चलते-चलते साधना में रत होते हुए वह परम की तरफ बढ़ता है। वह  किसी भी स्थिति में अपने को विचलित नहीं करता और यही लगन व्यक्तिगत रूप से तो उसका उपकार करती है साथ ही समाज का भी कल्याण करती है और मनुष्य उस स्थान को प्राप्त करता है जो ब्रह्म का स्थान है जहां ब्रह्म का पहरा है वहां चिंता दुख नहीं है वहां तक पहुंचना है इसलिए श्रद्धा से अपनी भक्ति को बढ़ाएं और ऐसा व्यक्ति अपने साथ-साथ अपने पूर्वजों की भी सद्गति कर देता है

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