ग्रंथों के प्रति श्रद्धा रखें।

 ग्रंथों के प्रति श्रद्धा रखें।


जब आप काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, मद और मत्सर जैसी चीजों पर नियंत्रण रख कर जीवन को संतुलित बनायेंगे तभी आपका जीवन आनंदित होगा। इसलिए अपने मन को पवित्र रखें। जिससे हृदय में प्रेम पनपेगा और चेहरे में मुस्कुराहट आएगी। जब आप अपने ग्रंथों के प्रति श्रद्धा रखते हुए सत्संग में रुचि लेने के साथ-साथ एक अच्छे साधक, श्रोता, शिष्य और भक्त बनकर अपना आसन संभालते हुए आंखें बंद कर प्राणायाम, ध्यान, आत्म चिंतन, प्रार्थना और भजन गाते हैं और अपने घर के लिए प्रभु से मंगल कामना करते हैं। तो कृपाएं स्वत: ही होने लगती है। और आपको जीवन में सफलताएं मिलने लगती है।



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