परमात्मा का अनुशासन क्यों ज़रूरी है?

 परमात्मा का अनुशासन क्यों ज़रूरी है?

गीता हमारा पवित्र ग्रंथ है। यह प्रभु का हृदय भी है। इसका प्रचार प्रसार करने वाला प्रभु का प्रिय पात्र बन जाता है। परमात्मा वह शक्ति है जो हमें सुख शांति देने वाला है। वह सर्वज्ञ अंतर्यामी और सर्वशक्तिमान परम तत्व परमेश्वर भी है। वह पुराणम, सनातन और शाश्वत भी है। क्योंकि वह आदि भी है और अंत भी है। इसलिए हम कह सकते हैं कि ऐसा रूप परमात्मा का ही होता है। जो सभी चीजों को अपने वश में रखकर सारी दुनिया का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर व्यवस्था को चल रहा है। सारी प्रकृति को प्रभु ने अपने अनुशासन में बांध रखा है। परमात्मा द्वारा बनाए गए प्राकृतिक नियमों का पालन हम जितना करेंगे उतना ही सुखी होते चले जाएंगे। परमात्मा की विशेषता क्या है?

2) स्वयं को परमात्मा के अनुशासन से बांधें

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