प्रभु कृपा से बुद्धि को सुबुद्धि बनाएं
प्रभु कृपा से बुद्धि को सुबुद्धि बनाएं
हम सभी अपने पिछले जन्म के संस्कार लेकर इस जन्म में आए हैं। उसके अनुरूप ही हमारी आदतें और हमारे अंदर की भावनाएं भी बन जाती है और इस भावनाओं के अनुरूप कि हम अपने-अपने कर्म करते हैं। जो मार्ग अशुभ है वहां से स्वयं को हटाकर अपने मन में वैराग्य लाएं और शुभ मार्ग पर चलने का अभ्यास करते हुए अपना भला करें। प्रभु सबके हृदय में विराजमान है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समस्त भाव-भावना के साथ प्रभु के शरण में जाना चाहिए। तभी हमें परम पद की प्राप्ति होगी। प्रभु की शरण में जाने से पहले एक नियम बनाएं और निश्चित समय पर बैठकर माला जपने की आदत डालें। हम सभी को नियम पूर्वक प्रभु का ध्यान करते हुए अपने जिह्वा पर परमात्मा का नाम चलाते रहने की आदत डालनी चाहिए। तभी हम प्रभु की शक्तियों को महसूस करेंगे कि वह रक्षक बनकर मेरे साथ चल रहे हैं और उनकी कृपाओं से हमें परम शांति की प्राप्ति हो रही है।View full video:-
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