तीर्थ जैसा घर, जीवन जैसी पूजा
तीर्थ जैसा घर, जीवन जैसी पूजा
अपने घर को तीर्थ बनाएं। अच्छी पुस्तके जीवन को बदल देती है ! आदत हमारी जिंदगी का एक हिस्सा है। इसलिए हमें भक्ति की आदत और खुश रहने की आदत बनानी चाहिए। क्योंकि जिंदगी में उतार चढ़ाव और चुनौतियां सबके जीवन में आती है।अपने घर के मंदिर को तीर्थ बनाएं।आपकी भक्ति ही अपने आप में तीर्थ है।आपके गुरु धर्म और भक्ति ये सभी आपके लिए तीर्थ हैं। क्योंकि ये सभी आपको तारती हैं। शास्त्रों के चिंतन से भी आपकी भक्ति बढ़ेगी ।अच्छी पुस्तकों को अपने घर में रखें। नियम बनाएं और समय निकालकर उसका अध्ययन करें। उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को आगे बढ़ाएं। वह हमारे लिए एक तरह से ज्ञान रूपी भोजन है। जो हमें भक्ति के माध्यम से मन को एकाग्र कर ध्यान की ओर ले जाती है। किसी चीज से प्रेरित होकर अपने अंदर की चिंगारी को जागृत कर व्यक्ति आगे बढ़ता है तभी वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है।
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